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शर्मीले और संकोची होते हैं कन्या राशि के जातक। (Native of Virgo are shy and diffident)

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image Sixth zodiac sign Virgo

कन्या राशि की पहचान हाथ में फूल की डाली लिये कन्या है। कन्या राशि, राशि चक्र में छठे स्थान पर आता है (Virgo is the sixth sign of zodiac)। इस राशि को दक्षिण दिशा का स्वमित्व प्राप्त है (Virgo is the king of south)।

बुध इस राशि के स्वामी हैं (Virgo is ruled by mercury)। इस राशि में बुध उच्च का होता हैं एवं शुक्र नीच का होता है। जो व्यक्ति इस राशि में जन्म लेते हैं उनके विषय में ज्योतिषशास्त्र क्या कहता है आइये इसे दखें।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस राशि में पृथ्वी तत्व की प्रधानता रहती है। इस राशि के जातक द्विस्वभावी होते हैं इसलिए इनकी करनी और कथनी में अंतर देखा जाता है, इन्हें समझ पाना आम लोगों के लिए आसान नहीं होता है। द्विस्वभाव बुद्धि होने के कारण निर्णय लेने में इन्हें परेशानी महसूस होती है। ये तर्क के आधार पर निर्णय लेते हैं यही कारण है कि ये किसी भी मुद्दे पर गहराई से सोचने के बाद ही कोई निर्णय लेते हैं। जब अपने प्रयास में इन्हें सफलता मिलने लगती है तो ये स्थिति का आंकलन एवं निर्णय सही प्रकार से करने लगते हैं।

कन्या राशि के जातक की बुद्धि बहुत ही तेज होती है, ये काफी बुद्धिमान होते हैं(Native of virgo are intellegent)। अपनी बुद्धि के बल पर ये कठिन से कठिन कार्यों को पूरा करने में सक्षम होते हैं। इस राशि के जातक के विषय में यह भी कहा गया है कि ये शर्मीले एवं संकोची होते हैं, ये जल्दी किसी के साथ घुलते मिलते नहीं हैं।

कन्या राशि में पैदा होने वाले व्यक्ति में मानवीय गुण भरा होता है, ये दयालु होते हैं और दूसरों की सहायता करने वाले होते हैं परंतु अपने स्वार्थ का ख्याल रखकर ही ये किसी की सहायता करने हेतु आगे बढ़ते हैं। अपना नुकसान करके ये दूसरों का घर नहीं भरते यानी किसी की मदद करने से अपने लाभ हानि का आंकलन जरूर कर लेते हैं।

इस राशि के व्यक्ति काफी भावुक होते हैं(Virgo are sentimental)। ये अपनी भावनाओं को दबाकर ये उसमें संशोधन लाकर व्यक्त नहीं करते बल्कि वस्तुस्थिति की अभिव्यक्ति पूरे जोर शोर से करते हैं। ये काफी विवेकशील प्राणी होते हैं, अच्छे और नेक काम में ये सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और पूरी तकत से अपनी आवाज़ बुलंद करते हैं।

शिक्षा की दृष्टि से कन्या राशि वालों के लिए बी. एड., एम. एड., गणित, वाणिज्य, साहित्य, चिकित्सा, टूरिज्म, अभिनय, लेखन, एवं व्यापार से सम्बन्धित कोर्स करना लाभप्रद रहता है। ये अपनी इस शिक्षा का लाभ नौकरी एवं व्यवसाय में प्राप्त कर सकते हैं।

इस राशि वालों के लिए नौकरी एवं व्यवसाय के अनुकूल क्षेत्रों में शिक्षण, सम्पादक, अंकेक्षक एवं आयात निर्यात, दलाली का काम, प्रिंटिंग प्रेस, जन सम्पर्क विभाग एवं थोक का कारोबार अनुकूल होता है। इस क्षेत्र में इन्हें काम मेहनत से जल्दी और अच्छी सफलता मिलती है।

कन्या राशि वालों को टायफाईड, दस्त, हैजा, पेट एवं आंत से सम्बन्धित रोग आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। इन्हें स्वास्थ्य के सम्बन्ध में कोई ऐसी लापरवाही नहीं दिखानी चाहिए जिससे इस तरह की परेशानी का उन्हें सामना करना पड़े।

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